छत्रपति संभाजीनगर: हाल ही में गठित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने फिलहाल खुद को एक राजनीतिक दल के बजाय दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के रूप में आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश को ऐसी ताकत की जरूरत है, जो जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर सरकार और संस्थाओं तक पहुंचा सके।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी की कोर टीम की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए दिपके ने कहा कि संगठन की प्राथमिकता फिलहाल जनहित से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी की रणनीति और आगे की दिशा को लेकर बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी।
दिपके के अनुसार, कोर टीम की बैठक में देश की प्रमुख संस्थाओं पर लोगों के घटते विश्वास को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मीडिया, न्यायपालिका और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर समाज में जो सवाल उठ रहे हैं, उन पर संगठन अपनी रणनीति तय करेगा।
इसके अलावा बेरोजगारी, एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति और युवाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर जनमत तैयार करने और समाधान की दिशा में काम करेगा।
सोनम वांगचुक बने रहेंगे मार्गदर्शक
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी संगठन का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी समय-समय पर वांगचुक से सलाह लेती रहेगी।
दास ने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े विषयों पर संगठन व्यापक स्तर पर काम करने की तैयारी कर रहा है।
NEET आंदोलन से जुड़े छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
सौरव दास ने बताया कि संगठन की प्राथमिकताओं में उन छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना भी शामिल है, जिनके खिलाफ हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान मामले दर्ज किए गए थे।
उन्होंने कहा कि NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान जिन छात्रों पर एफआईआर दर्ज हुई है, उन्हें वापस लेने की मांग की जाएगी। इस संबंध में सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत भी जारी है।
इसके अलावा हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी संगठन काम कर रहा है।
NEET आंदोलन के बाद चर्चा में आई CJP
अभिजीत दिपके जून में अमेरिका से भारत लौटे थे। इसके बाद उन्होंने NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व किया।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।
बाद में यह आंदोलन दिल्ली सहित कई राज्यों तक फैल गया। कई जगह प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार समेत कई स्थानों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए।
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि फिलहाल उसका फोकस चुनावी राजनीति से अधिक जनहित के मुद्दों पर रहेगा। संगठन खुद को एक ऐसे मंच के रूप में स्थापित करना चाहता है, जो युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाए।
हालांकि भविष्य में पार्टी चुनावी राजनीति में किस भूमिका में नजर आएगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल संगठन का पूरा ध्यान अपनी कोर टीम की बैठक और आगामी जन अभियानों की रूपरेखा तैयार करने पर है।