नई दिल्ली: बीजेपी स्थापना दिवस, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 47वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मोदी ने देशवासियों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी ने भारतीय राजनीति को ‘राष्ट्र प्रथम’ का नया सिद्धांत दिया है। वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने पार्टी की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के एजेंडे का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि देश को मजबूत और विकसित बनाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन लाखों कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन भी है, जिन्होंने वर्षों तक समर्पण, अनुशासन और अथक मेहनत से पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाया।
संस्थापकों को किया नमन, कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, नानाजी देशमुख, कुशाभाऊ ठाकरे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि इन्हीं नेताओं के विचारों और मूल्यों ने पार्टी की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की भी सराहना की और कहा कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष, त्याग और संगठनात्मक अनुशासन ने भाजपा को आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को विधानमंडलों में आरक्षण देने का अपना वादा पूरा किया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 के आम चुनाव ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रावधानों के अनुरूप कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा आज सुशासन और योजनाओं की प्रभावी अंतिम छोर तक पहुंच (Last Mile Delivery) का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने दावा किया कि इसी सोच के कारण पिछले वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में आज समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हो रही है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता और प्रभावी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि ऐसे विषय भाजपा की दीर्घकालिक सोच और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
हालांकि उन्होंने इन मुद्दों पर किसी नई घोषणा का उल्लेख नहीं किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि पार्टी भविष्य में भी शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर काम करती रहेगी।
‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा पर आगे बढ़ रही भाजपा
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भाजपा की स्वीकार्यता और प्रभाव पूरे देश में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पार्टी की इस यात्रा को वही लोग सही मायनों में समझ सकते हैं, जिन्होंने वर्षों तक संगठन के साथ काम किया है और उसके मूल सिद्धांतों को अपनाया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सेवा और समर्पण की भावना के साथ आगे भी काम करते रहने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा आने वाले वर्षों में भी ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देश के विकास और जनकल्याण के लिए कार्य करती रहेगी।